टॉप न्यूज़भाजपाभोपालमध्य प्रदेशमप्र सरकारराजनीतिराज्य

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताईं पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की उपलब्धियाँ

भोपाल :  27 दिसंबर 2025

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने शुक्रवार को विंध्याचल भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) के अंतर्गत भोपाल में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जा रहा है। यह प्रस्ताव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के समन्वय से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस केंद्र का उद्देश्य मध्यप्रदेश के युवाओं को स्पेस टेक्नोलॉजी के प्रति जागरूक, प्रेरित और वैज्ञानिक सोच से जोड़ना है।

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि प्रस्तावित स्पेस सेंटर में मिसाइल और सैटेलाइट के क्रमिक विकास के डिजाइनों का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही अंतरिक्ष के समान जीरो ग्रेविटी वातावरण में स्पेस स्टेशन का सिम्युलेटरी अनुभव देने के लिये विशेष अधोसंरचना विकसित की जाएगी, जिससे बच्चे यह देख और महसूस कर सकें कि उपग्रह के भीतर अंतरिक्ष यात्री किस तरह रहते और कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि यह केंद्र प्रदेश के युवाओं में वैज्ञानिक जिज्ञासा जगाएगा और स्पेस के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए उन्हें प्रेरित करेगा।

राज्यमंत्री ने कहा कि यह नवाचार उन सभी युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर होगा, जो अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासु हैं और भविष्य में इस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। इसके माध्यम से ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के शैक्षणिक एवं सामाजिक उन्नयन के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

पत्रकार वार्ता में मंत्री श्रीमती गौर ने अत्यंत पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए प्रस्तावित ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना–2025’ को भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत हर वर्ष करीब 4000 युवाओं को आवासीय प्रशिक्षण देकर सेना, अर्धसैनिक बल, पुलिस, होमगार्ड एवं निजी सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती के लिए तैयार किया जाएगा। शारीरिक प्रशिक्षण के साथ सैद्धांतिक मार्गदर्शन देकर युवाओं में अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और कर्तव्यबोध विकसित किया जाएगा।

आदर्श छात्रावास और पहली बार मेस सुविधा

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि प्रदेशभर में ओबीसी छात्रावासों को आदर्श छात्रावास के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिम, वाचनालय, पुस्तकालय, वाई-फाई, कंप्यूटर कक्ष और खेल सुविधाओं से युक्त इन छात्रावासों के उन्नयन पर करीब 16 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभाग बनने के बाद पहली बार छात्रावासों में निशुल्क और गुणवत्तापूर्ण भोजन की व्यवस्था की जा रही है, जिसका शुभारंभ 26 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कर कमलों से होने की संभावना है।

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत साढ़े सात लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति वितरित की गई है। विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना को पारदर्शी बनाकर हर वर्ष 50 विद्यार्थियों को लाभ दिया जा रहा है। वहीं बेरोजगार युवाओं को जापान और जर्मनी में रोजगार दिलाने की पहल की जा रही है। सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड के तहत आगामी समय में 600 युवाओं को विदेश भेजा जाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!