जीतू पटवारी ने गौ-मांस के मामले को लेकर मप्र सरकार को लिया आड़े हाथ! किया तीखा हमला

भोपाल: 12 जनवरी 1025
हाल ही में भोपाल में स्लॉटर हाउस में गौ-मांस मिलने के मामले ने प्रदेश की राजनीति में उबाल ला दिया है। झिसिं स्थित स्लॉटर हाउस की गाड़ी में मिले मांस की जांच में गौ-मांस की पुष्टि होने के बाद नगर निगम ने स्लॉटर हाउस को सील कर दिया है। इसके साथ ही शहर सरकार विपक्ष के तीखे हमलों के घेरे में आ गई है। कांग्रेस ने इसे गो-रक्षा के नाम पर भाजपा सरकार के दोहरे चरित्र का सबूत बताया है, जबकि सत्ता पक्ष सख्त कार्रवाई के दावे कर रहा है।
जीतू का तीखा हमला- गो-रक्षा के नाम पर गौ हत्या:
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मामले को लेकर भाजपा और मोहन यादव सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक तरफ भाजपा खुद को गौ-रक्षक बताती है, दूसरी तरफ भोपाल जैसे शहर में स्लॉटर हाउस से गौ-मांस पकड़ा जाना सरकार की कथनी-करनी का अंतर उजागर करता है। पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में गौ-मांस पर 0 प्रतिशत GST लगाया जाना, स्लॉटर हाउस की गतिविधियां और गौशालाओं की बदहाली यह दिखाती है कि गो-रक्षा केवल चुनावी नारा बनकर रह गई है। उन्होंने महापौर और एमआईसी से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
नगर निगम पर सवाल, परिषद को बताए बिना पास हुआ प्रस्ताव: शबिश्ता जकी
नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने आरोप लगाया कि स्लॉटर हाउस से जुड़े प्रस्ताव को नगर निगम परिषद में लाए बिना एमआईसी की बैठक में पास कर दिया गया। न तो परिषद को भरोसे में लिया गया और न ही शहर की जनता को इसकी जानकारी दी गई। विपक्ष का कहना है कि यही वजह है कि मामला सामने आने के बाद नगर निगम कटघरे में खड़ा है।
दोषी नहीं बचेंगे: किशन सूर्यवंशी
इस पूरे विवाद पर नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी का सोमवार को पहला बयान सामने आया। राज्य स्तरीय योग कार्यक्रम में पहुंचे सूर्यवंशी ने कहा कि अभी आधिकारिक रिपोर्ट नहीं मिली है, लेकिन जैसे ही रिपोर्ट आएगी, दोषी चाहे छोटा हो या बड़ा, उसे नहीं छोड़ा जाएगा।उन्होंने कहा कि स्लॉटर हाउस का प्रस्ताव नगर निगम परिषद की बैठक में नहीं आया था और अगर किसी ने अपराध किया है या संरक्षण दिया है तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी।
विश्वास सारंग ने कड़ी कार्यवाही की बात कही
मामले में मंत्री विश्वास सारंग ने भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि गौ-मांस या गौ-कशी के मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह व्यापारी हो या अधिकारी। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि दोषियों पर ऐसी कार्रवाई की जाए, जो नजीर बने।




