
भोपाल/कोटा: 17 मार्च 2026
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में कहा कि भारतीय रेल “धीमी वृद्धि” से “सुपरफास्ट परिवर्तन” के नए युग में प्रवेश कर चुकी है और आज यह आम आदमी एवं मध्यम वर्ग के लिए सस्ती, सुरक्षित एवं आरामदायक यात्रा का प्रमुख माध्यम बन गई है।
उन्होंने बताया कि लगभग 1.37 लाख किमी रेल नेटवर्क और 25,500 से अधिक ट्रेनों के संचालन के साथ भारतीय रेल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही है। बजट में बढ़ोतरी कर इसे ₹2.78 लाख करोड़ तक पहुंचाया गया है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर, नई सेवाओं एवं तकनीकी विकास को गति मिली है।
रेल मंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में रेलवे में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिसमें 35,000 किमी नए ट्रैक, 99% विद्युतीकरण, माल ढुलाई में वृद्धि तथा आधुनिक एलएचबी कोचों का विस्तार शामिल है। सुरक्षा के क्षेत्र में भी बड़े सुधार हुए हैं, जिससे रेल दुर्घटनाओं में लगभग 90% की कमी आई है तथा ‘कवच’ जैसी उन्नत सुरक्षा प्रणाली लागू की जा रही है।
उन्होंने बताया कि रेलवे द्वारा यात्रियों को सस्ती यात्रा उपलब्ध कराने हेतु लगभग 45% तक सब्सिडी दी जा रही है तथा अधिकतर कोच सामान्य एवं स्लीपर श्रेणी के रखे गए हैं। वंदे भारत एवं अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों का विस्तार किया जा रहा है, साथ ही त्योहारों के दौरान रिकॉर्ड संख्या में विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
रेल मंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में लगभग 5 लाख रोजगार सृजित हुए हैं तथा रेलवे में तकनीकी आधुनिकीकरण के तहत RailOne ऐप, आधुनिक पीआरएस प्रणाली एवं एआई आधारित तकनीकों का उपयोग बढ़ा है। स्टेशन पुनर्विकास एवं वैश्विक स्तर पर रेलवे निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
अंत में उन्होंने कहा कि भारतीय रेल का यह परिवर्तन 12.5 लाख कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों का परिणाम है और भविष्य में रेलवे को और अधिक आधुनिक एवं यात्री-केंद्रित बनाने का कार्य जारी रहेगा।




