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संतोष वर्मा के अमर्यादित बोल अनवरत जारी… सत्ताधारी मौन, ब्राह्मण संगठन आंदोलन को मजबूर!!!

भोपाल: 10 दिसम्बर 2025

कितनों को मारोगे, हर घर से संतोष निकलेगा, आईएएस वर्मा का नया विवादित वीडियो वायरलविवादित आईएएस संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण बेटियों पर दिए गए अमर्यादित बयान का विवाद शांत भी नहीं हुआ था कि वर्मा का दूसरा वीडियो सामने आया, इस बार बयान सामाजिक वर्गों को लेकर था, जिसने भारी तनाव पैदा कर दिया, अब यह सिर्फ महिलाओं का मुद्दा नहीं रहा था समाज के कई वर्ग विरोध में उतर आए हैं, संतोष वर्मा ने कहा कि कितने संतोष मरोगे हर घर से संतोष निकलेगा…!! इस बयान के सामने आने के बाद एक बार फिर ब्राह्मण संगठन मैदान में

ब्राह्मण एकता अस्मिता सहयोग एवं संस्कार मंच महिला विंग ने दी कठोर चेतावनी

भोपाल में ब्राह्मण एकता अस्मिता सहयोग एवं संस्कार मंच महिला विंग ने संतोष वर्मा के बयानों को देशविरोधी बताया। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. वंदना मिश्रा ने कहा कि यह देश को बांटने की कोशिश है और कार्रवाई न होने पर आंदोलन होगा। महिला विंग ने चेतावनी दी कि ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

प्रदेश अध्यक्ष डॉ. वंदना मिश्रा ने कहा कि कुछ बयानों के ज़रिए देश को बांटने की कोशिश की जा रही है और यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. वंदना मिश्रा ने कहा कि ‘घर-घर से संतोष वर्मा निकालने’ जैसे बयान वास्तव में समाज में भ्रम और तनाव फैलाने वाले हैं। उनके अनुसार, ऐसे बयानों से यह संदेश जाता है कि देश में विखंडन की सोच को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे लोग आगे आएंगे, तो इससे विद्रोही और राष्ट्रविरोधी मानसिकता को बल मिलेगा, जो देश के लिए खतरनाक है। उन्होंने चेताया कि अगर ऐसे तत्वों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो महिला विंग आंदोलन के लिए मजबूर होगी। डॉ. मिश्रा ने मांग की कि इस तरह के वक्तव्यों को देशद्रोह की श्रेणी में लिया जाना चाहिए और संबंधित व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार और प्रशासन ने समय रहते कदम नहीं उठाए, तो महिला विंग राज्यभर में शांतिपूर्ण आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

संतोष ने माफी नहीं मांगी तो की जाएगी कानूनी कार्यवाही : एडवोकेट अन्नपूर्णा मिश्रा

एडवोकेट अन्नपूर्णा मिश्रा रावत ने संतोष वर्मा को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि संतोष वर्मा अपनी खैर चाहते हैं तो बिना लाग लपेट के माफी मांग लें अन्यथा कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाने को तैयार रहे। उन्होंने महिलाओं के प्रति अभद्र भाषा के प्रयोग का कानून लगाकर कड़ी सजा दिलाने की चेतावनी दी। एडवोकेट ने सरकार से भी मांग की कि ऐसे अभद्र लोगों पर कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए और उनको जो आईएस अवॉर्ड किया गया है उसे वापिस लेकर उन पर कड़ी कार्यवाही की जाए।

MP में गुस्सा, महिलाओं में आक्रोश

जैसे ही वीडियो सामने आया महिलाओं ने इसे अपनी गरिमा पर हमला बताया, छात्र संगठनों ने विरोध की घोषणा कर दी। सोशल मीडिया पर #RemoveSantoshVerma ट्रेंड करने लगा। प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया. सबसे खास बात ये है कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने एक साथ IAS वर्मा के बयान की निंदा की, ऐसी एकजुटता कम ही देखने मिलती है।

महिला संगठन ने की हटाने की मांग,

IAS वर्मा को पद से हटाने की मांग जोर पकड़ने लगी। भोपाल, सतना, रीवा, जबलपुर, छतरपुर समेत कई जिलों में महिलाओं ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। महिलाओं ने कहा कि ऐसा अधिकारी किसी जिले में रहेगा तो बेटियों की सुरक्षा कैसे होगी? NSUI ने भी प्रदर्शन किए, पुतला जलाया, और थानों-कलेक्ट्रेट का घेराव किया।

सतना के एक मंत्री ने गुस्से में ‘इनाम’ तक घोषित कर दिया

विवाद इतना गरम हुआ कि सतना के एक मंत्री ने गुस्से में कहा कि अगर संतोष वर्मा जैसी हरकत कोई करे तो उसे सबक सिखाने वाले को इनाम दिया जाएगा. यह बयान भी विवादों में घिर गया, लेकिन इससे माहौल की गंभीरता साफ हो गई.

कांग्रेस-बीजेपी दोनों का एक स्वर

कांग्रेस कह रही है कि IAS वर्माको तुरंत हटाया जाए. ऐसे लोग महिलाओं का अपमान करते हैं. बीजेपी भी नाराज दिखी एक अधिकारी का यह व्यवहार अनुशासनहीनता है. सरकार इस बयान को गंभीरता से ले.दोनों पार्टियों के सुर एक होने का मतलब था कि मामला बेहद संवेदनशील है और जनता के बीच भारी आक्रोश है।

अब क्या कार्रवाई होगी?

IAS संतोष वर्मा पर 4 स्तर की कार्रवाई संभव है: विभागीय जांच, अस्थायी निलंबन, दूसरी जगह बदली, सेवा आचरण नियमों के तहत दंड, सरकार इस मामले पर गंभीरता से विचार कर रही है क्योंकि विरोध लगातार बढ़ रहा है। मामला अब सिर्फ IAS का नहीं, ‘सिस्टम बनाम जनता’ बन गया है। मामला अब प्रशासनिक गलती तक सीमित नहीं रहा, यह जनता की नाराजगी, राजनीतिक दबाव और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ चुका है। इससे पहले संतोष वर्मा को सरकार स्पष्टीकरण नोटिस भेज चुकी है और सात दिन में जवाब मांगा है जिसकी अवधि भी समाप्त हो रही है।

बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा

महिला संगठनों ने अगला चरण और तेज करने की चेतावनी दी है. प्रशासन दबाव में है और राजनीतिक दल लगातार बयान जारी कर रहे हैं. ये साफ है कि IAS संतोष वर्मा के लिए हालात अब बेहद मुश्किल हो चुके हैं और बड़ी कार्रवाई लगभग तय मानी जा रही है।

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