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कौन है राजू ईरानी, कैसे बना?? और जानिए बाप से लेकर बेटे तक जुर्म का इतिहास??

भोपाल: 11 जनवरी 2025

भोपाल का एक अपराधी हाल ही में गुजरात के सूरत से गिरफ्तार किया गया है। उसकी गिरफ्तारी के साथ ही उसके जुर्म की पूरी कहानी सामने आई है। बॉलीवुड की फिल्म धुरंधर के किरदार के कामों से मिलते-जुलते काम करने वाला राजू ईरानी ऊर्फ आबिद अली ईरानी गैंग का सरगना है। गैंग के लोग आबिद को रहमान डकैत बुलाते थे। वह कई दिनों से फरार चल रहा था। 50 साल में कैसे ईरानी गैंग का वर्चस्व भोपाल समेत देश के 14 राज्यों में बढ़ा? ईरानी गैंग में ड्रग्स की रानी कौन हैं?

भोपाल के राजू ईरानी के नाम पर देश के सात राज्यों में लूट, ठगी और फर्जी अफसर बनकर वारदात को अंजाम देना जैसे जुर्म दर्ज हैं। यह ईरानी गैंग का सरगना है। इस गैंग का देश के 14 राज्यों में नेटवर्क है, जिसकी बागडोर राजू ईरानी संभालता था। यह भोपाल में बैठकर पूरी गैंग के लिए साजिश रचता था। इसने लूट की रकम से भोपाल में अरबों की संपत्ति खड़ी की है। महंगी लग्जरी कारों और अरबी नस्ल के घोड़ों का शौकीन है। भोपाल पुलिस ने सूरत से इसे गिरफ्तार किया है। फिलहाल वह 17 जनवरी तक पुलिस की रिमांड में है।

ईरानी डेरा?

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का एक इलाका है निशातपुरा। यहां की अमन कॉलोनी में स्थित ईरानी डेरा लंबे समय से अपराध का गढ़ माना जाता रहा है। यहां करीब 70 मकान हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार इनमें से 50 से अधिक परिवारों के सदस्य किसी न किसी आपराधिक गतिविधि में लिप्त हैं। ईरानी डेरा वर्षों से पुलिस और खुफिया एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ था। यहां 27-28 दिसंबर की दरम्यानी रात पुलिस टीम की बड़ी कार्रवाई हुई। पुलिस प्रशासन की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद गैंग का सरगना राजू ईरानी महिलाओं को ढाल बनाकर फरार हो गया था।

कौन है राजू ईरानी? जानिए!!!!

गिरफ्तार अपराधी का असली नाम आबिद अली पिता हसमत अली है, लेकिन अपराध की दुनिया में वह राजू ईरानी के नाम से जाना जाता है।

उसके खिलाफ मध्य प्रदेश सहित छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल समेत देश के 14 राज्यों में 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।

इनमें लूट, ठगी, फर्जी पुलिस और सीबीआई अधिकारी बनकर अपराध करना, धोखाधड़ी और पुलिस पर हमले जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

राजू ईरानी पर आरोप है कि उसने वर्षों तक एक संगठित गिरोह के जरिए देश के बड़े शहरों में सैकड़ों वारदात को अंजाम दिया।

वह खुद कई मामलों में सामने नहीं आया, बल्कि पूरे नेटवर्क को नियंत्रित करता रहा।

पुलिस के मुताबिक वह लूट और ठगी से अर्जित रकम का हिसाब-किताब और बंटवारा भी खुद तय करता था।

ईरान से आने की वजह से इन्हें ईरानी कहा जाता है!!

आजादी के बाद कुछ परिवार ईरान से भारत आए थे। उन्होंने भोपाल रेलवे स्टेशन के पास अपना डेरा जमाया था। इसके बाद वहां पर कच्चे मकान बनाकर रहने लगे थे। इन परिवारों में से एक मुन्ने ईरानी बदमाश बन गया। फिर मुन्ने ईरानी ने भोपाल रेलवे स्टेशन के आस-पास वारदातों को अंजाम देना शुरू किया। पर जब-तब पुलिस की छापा मार कार्रवाई ईरानी परिवार के मकानों पर हो जाती थी। इससे छुटकारा पाने के लिए मुन्ने ईरानी ने भोपाल के बाहरी इलाके जैसे करोंद के पास अपना डेरा जमाना शुरू किया। इसके बाद उसके गिरोह में शामिल ईरानी परिवार के लोग भी करोंद के आसपास मकान बनाते चले गए। आज वहां 70 घरों का ईरानी डेरा बसा हुआ है। इसी डेरे से पूरे भारत के अलग-अलग राज्यों में ईरानी गैंग का काम आपराधिक काम चलता है। एक तरीके से ये डेरा ही ईरानी गैंग का हेडक्वार्टर है।

सूरत में किसने दी थी शरण??

भोपाल पुलिस की लगातार दबिश के बाद फरार राजू ईरानी को लगातार गिरफ्तारी का डर था। इससे बचने के लिए उसने सूरत में अपने साढ़ू के घर पनाह ली। भोपाल पुलिस को उसके लोकेशन इनपुट मिलते रहे, जिसके आधार पर सूरत पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे भोपाल लाकर निशातपुरा थाने में रखा गया और जिला अदालत में पेश कर 17 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया। पुलिस अब उससे गैंग के नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन, फर्जी जमानत और अन्य राज्यों में दर्ज मामलों को लेकर गहन पूछताछ कर रही है

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