
भोपाल: 19 जनवरी 2026
अशोकनगर जिले के आनंदपुर धाम ट्रस्ट को लेकर कांग्रेस ने बड़े और गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि आनंदपुर धाम में वर्षों से अवैध गतिविधियां चल रही हैं, लेकिन प्रशासन और सरकार कार्रवाई नहीं कर रही है। अहिरवार ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट के माध्यम से काले धन को सफेद किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि ट्रस्ट की सालाना आमदनी करीब 700₹ से 800₹ करोड़ है। इस मामले में उन्होंने तीन आईएएस अधिकारियों के नाम भी लिए और निष्पक्ष जांच की मांग की। अहिरवार ने कहा कि आईएएस अधिकारी विवेक अग्रवाल, अविनाश लवानिया और मयंक अग्रवाल आनंदपुर धाम ट्रस्ट के माध्यम से काले धन को सफेद करने में मदद कर रहे हैं। इधर अधिकारियों ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया और कानूनी कार्यवाही की बात कही।
दलितों का यौन शोषण, और उनकी जमीन हथियाई गई
कांग्रेस नेता ने कहा कि आनंदपुर धाम में दलित और आदिवासी समुदाय के युवकों व महिलाओं का शोषण किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आश्रम में देह व्यापार जैसा संगठित रैकेट चल रहा है और उनके पास इससे जुड़े वीडियो सबूत मौजूद हैं।उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने आदिवासियों की जमीन और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया है। कांग्रेस ने 5 वीडियो जारी किए, जिनमें से 3 आपत्तिजनक हैं। एक वीडियो में एक युवक अश्लील हरकत कर रहा है, जिसे आनंदपुर धाम का महात्मा बताया जा रहा है। दूसरे वीडियो में एक बाबा किसी से संबंध बनाता दिख रहा है, जबकि तीसरे वीडियो में एक बाबा पलंग पर निर्वस्त्र बैठा दिखाई दे रहा है। चौथे वीडियो में एक युवक ने बाबा पर गंभीर आरोप लगाए हैं, और पांचवें वीडियो में एक महिला सेवादार किसी पर आरोप लगा रही है कि उन्होंने हमसे लड़कियां सौंपने को कहा। ये सभी वीडियो करीब एक साल पुराने बताए जा रहे हैं।
गो-तस्करी के आरोपों पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं
प्रदीप अहिरवार ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट से जुड़े लोगों पर गो-तस्करी और गौ-हत्या की शिकायतें पहले भी की जा चुकी हैं, लेकिन पुलिस स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि आश्रम में दूसरे राज्यों से आए आपराधिक प्रवृत्ति के लोग भी रह रहे थे, जिनका इस्तेमाल लोगों को डराने और शिकायतें दबाने के लिए किया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शिकायतें देने के बावजूद पुलिस, कलेक्टर और प्रशासन ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया। इसे लेकर प्रशासनिक संरक्षण और राजनीतिक दबाव की आशंका भी जताई गई।
सीबीआई जांच की मांग, जरूरत पड़ी तो हाईकोर्ट तक जायेंगे
अहिरवार ने पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने, पीड़ितों को सुरक्षा देने और लापरवाह अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की है। अहिरवार ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस हाईकोर्ट का रुख करेगी। कांग्रेस ने इस मामले को मध्यप्रदेश का दूसरा सच्चा सौदा बताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक आश्रम का नहीं, बल्कि दलित-आदिवासियों की सुरक्षा, महिलाओं की गरिमा और कानून व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला है।




