एम्स भोपाल का वार्षिक सांस्कृतिक महोत्सव ‘तरंग 2025’ सफलतापूर्वक सम्पन्न

भोपाल: 24 सितंबर 2025
मुख्य बिंदु:
एम्स भोपाल का वार्षिक सांस्कृतिक महोत्सव‘तरंग 2025’सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
रामायण थीम पर आधारित रैंप वॉक और एम्स बैंड की प्रस्तुति कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे।
दो दिवसीय महोत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं जैसे फेस पेंटिंग, कविता लेखन, डांस, सिंगिंग, नाटक, रंगोली, मेहंदी, ग्रुप डांस और ओपन माइक का आयोजन किया गया।
समापन समारोह में विजेता टीम को चैम्पियनशिप ट्रॉफी प्रदान की गई और महोत्सव ने परंपरा, प्रतिभा और टीम वर्क का सुंदर मिश्रण प्रस्तुत किया। एम्स भोपाल न केवल उत्कृष्ट चिकित्सा देखभाल में अग्रणी है, बल्कि अपने छात्रों और कर्मचारियों की बहुआयामी प्रतिभाओं को भी बढ़ावा देने में सक्रिय रहा है। इसी प्रयास के तहत एम्स भोपाल का वार्षिक सांस्कृतिक महोत्सव ‘तरंग 2025’ बड़ी सफलता के साथ आयोजित किया गया। दो दिवसीय इस महोत्सव में रिकॉर्ड संख्या में छात्रों ने भाग लिया और उनके शानदार प्रदर्शन ने पूरे कैंपस को रंग, रचनात्मकता और ऊर्जा से भर दिया। उद्घाटन समारोह में प्रो. (डॉ.) बालकृष्णन (डीन, छात्र कल्याण), डॉ. मनमोहन पटेल (एसोसिएट डीन, छात्र कल्याण), श्री संदेश कुमार जैन (उप निदेशक, प्रशासन), और श्री ज्ञानेंद्र भूषण प्रसाद (प्रशासनिक अधिकारी) उपस्थित थे।
शाम का मुख्य आकर्षण रामायण थीम पर आधारित रैंप वॉक रहा, जिसे पौराणिक कथाओं और आधुनिक प्रस्तुति के अनोखे मिश्रण के लिए भारी प्रशंसा मिली। इसके अलावा, एम्स बैंड ने अपनी जीवंत प्रस्तुति से मंच पर शानदार ऊर्जा का संचार किया। महोत्सव के दौरान कैंपस की सजावट को भी अब तक की सबसे उत्कृष्ट रूप से प्रस्तुत किया गया। दो दिनों में आयोजित प्रतियोगिताओं में छात्रों ने अपनी कला और प्रतिभा का परिचय दिया। पहले दिन फेस पेंटिंग, कविता लेखन, वाद-विवाद, सोलो डांस, डुएट डांस और लघु फिल्म का आयोजन हुआ। दूसरे दिन रंगोली, डुएट सिंगिंग, सोलो सिंगिंग, नाटक, वाद्य संगीत, मेहंदी, ग्रुप डांस और ओपन माइक प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं।
समापन समारोह का संचालन प्रो. (डॉ.) राजेश पसरीचा (प्रमुख, सांस्कृतिक समिति) और डॉ. रामरतन ने किया। विजेता टीम को चैम्पियनशिप ट्रॉफी प्रदान की गई। ‘तरंग 2025’ ने परंपरा, प्रतिभा और टीम वर्क का सुंदर मिश्रण प्रस्तुत किया और एम्स भोपाल के सबसे सफल सांस्कृतिक महोत्सवों में से एक के रूप में अपनी पहचान बनाई




