सीएम एवं मंत्रियों के बंगलो पर 15 वर्षों से कार्यरत भृत्य नहीं हुए नियमित
भृत्य की परीक्षा दिए 2 वर्ष हो गए आज तक नहीं आया परिणाम, कई मंत्री विधायकों ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र

भोपाल: 4 अगस्त 2025
मध्य प्रदेश में जहां एक तरफ सरकार लाखों बेरोजगारों को रोजगार और शासकीय नौकरी दिलाने का वादा कर रही है। वही मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों की निजी स्थापना में उनके बंगलो और दफ्तरों में कार्यरत करीब 200 भृत्य
जिसमें जमादार, फर्रास, चौकीदार करीब 15 वर्षों से कार्यरत है। इन्हें आकस्मिक निधि से वेतन मिल रहा है। मंत्रालय के भर्ती नियम 1987 के अनुसार 17 सितंबर 2023 को भर्ती के 143 रिक्त पद के विरुद्ध 210 से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक 20- 28 /2018 /12 – 1 भोपाल दिनांक 6 सितंबर 2023 के द्वारा जारी की गई थी जिसका परिणाम आज दिनांक तक घोषित नहीं किया गया, जिसके चलते यह अभ्यर्थी नियमितता से वंचित है और अगर समय रहते हैं यह परिणाम जारी नहीं हुआ तो इनकी उम्र सेवानिवृत्ति के करीब आ जाएगी। इसके लिए यह चतुर्थ वर्ग कर्मचारी एडी चोटी की ताकत लगा रहे हैं परंतु सरकार में बैठे आला अधिकारी उसे ठंडे बस्ती में डाले हुए हैं।
इन कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री चीफ सेक्रेटरी और आला अधिकारियों को कई पत्र दिये। वही मध्यप्रदेश शासन के करीब आधा दर्जन मंत्रियों ने मुख्यमंत्री को परीक्षा परिणाम जारी करने के लिए पत्र लिखे हैं। इन मंत्रियों में श्री तुलसीराम सिलावट, श्री गोविंद सिंह राजपूत, श्री भारत सिंह कुशवाहा, श्री लाखन सिंह पटेल, श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी , विधायक श्री महादेव मधु वर्मा शामिल है। याद रहे कि इससे पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल 2013 में चतुर्थ वर्ग के 54 कर्मचारी नियमित हो चुके हैं। शेष कर्मचारियों के परिणाम जारी नहीं होने से यह कर्मचारी परेशान हो रहे है।सम्पर्क – 99812 91678




