एम्स भोपाल के रेडियोडायग्नोसिस विभाग ने मनाया स्थापना दिवस, मरीजों को मिलेगा उन्नत रेडियोलॉजिकल सेवाओं का लाभ

भोपाल: 28 अगस्त 2025
एम्स भोपाल का रेडियोडायग्नोसिस विभाग स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर काम कर रहा है। इसी क्रम में विभाग ने अपना स्थापना दिवस मनाया और इस अवसर पर एक विशेष सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में लगभग 100 प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें विभाग के संकाय सदस्य, रेज़िडेंट डॉक्टर, पूर्व छात्र, अतिथि वक्ता, रेडियोग्राफर तकनीशियन और अन्य सहयोगी स्टाफ शामिल रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण था टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, मुंबई के इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. सुयश कुलकर्णी का व्याख्यान। उन्होंने “ऑन्को-इमेजिंग एंड इंटरवेंशन्स” विषय पर जानकारी साझा की। यह विषय विशेष रूप से कैंसर की पहचान और उसके आधुनिक इलाज से जुड़ा है, जिससे मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज मिलने की संभावना बढ़ती है। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रो. (डॉ.) ए. के. महापात्रा (अध्यक्ष, एम्स भोपाल), प्रो. (डॉ.) माधवानंद कर (कार्यपालक निदेशक, एम्स भोपाल), श्री संदेश जैन (डीडीए) और डीन (अकादमिक) की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। रेडियोडायग्नोसिस विभागाध्यक्ष ने स्वागत भाषण दिया और विभाग की प्रगति यात्रा पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर प्रो. महापात्रा और प्रो. कर ने कहा कि रेडियोलॉजिकल सेवाएँ स्वास्थ्य क्षेत्र में परिवर्तनकारी भूमिका निभा रही हैं और एम्स भोपाल का यह विभाग मरीजों के लिए महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहा है। कार्यक्रम के दौरान विभाग ने स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान के लिए दो रेडियोग्राफरों को सर्वश्रेष्ठ रेडियोग्राफर पुरस्कार से सम्मानित किया। इसके अलावा रेज़िडेंट डॉक्टरों के लिए एक इंटरैक्टिव क्विज़ का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम की सराहना की। रेडियोडायग्नोसिस विभाग ने यह संदेश दिया कि वह न सिर्फ़ अत्याधुनिक तकनीक उपलब्ध कराने में, बल्कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण में भी निरंतर निवेश कर रहा है। इसका सीधा लाभ मरीजों को समय पर और सटीक जांच व इलाज के रूप में मिलता है।




